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Delhi Airport Air Train: T1 से T3 सिर्फ मिनट में! दिल्ली एयरपोर्ट पर शुरू होगी भारत की पहली ड्राइवरलेस एयर ट्रेन; फ्री में बदल सकेंगे टर्मिनल

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 09, 2026 09:09 am IST,  Updated : Jun 09, 2026 09:09 am IST

दिल्ली एयरपोर्ट से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। आने वाले कुछ सालों में दिल्ली एयरपोर्ट पर भारत की पहली ड्राइवरलेस एयर ट्रेन शुरू होने जा रही है।

दिल्ली एयरपोर्ट के T1, T2...- India TV Hindi
दिल्ली एयरपोर्ट के T1, T2 और T3 को आपस में जोड़ेगी ड्राइवरलेस एयर ट्रेन Image Source : ANI/CANVA

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट से सफर करने वाले देश-विदेश के लाखों हवाई यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट पर एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल जाने वाले यात्रियों का लंबा इंतजार जल्द खत्म होने जा रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट के ऑपरेटर डायल (DIAL) ने एयरपोर्ट के विभिन्न टर्मिनलों और एरोसिटी को आपस में जोड़ने के लिए भारत की पहली ऑटोमेटेड एयर ट्रेन प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इस बेहद आधुनिक और ड्राइवरलेस एयर ट्रेन के शुरू होने के बाद टर्मिनल 1 (T1) से टर्मिनल 3 (T3) का सफर सिर्फ कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि एक फ्लाइट से उतरकर दूसरी फ्लाइट पकड़ने वाले ट्रांजिट यात्रियों के लिए यह सेवा पूरी तरह मुफ्त होगी।

₹4,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

पहले इस परियोजना को किसी तीसरी कंपनी (कंसैशनर) के जरिए पूरा करने की प्लानिंग थी, लेकिन उसमें बात न बनने के बाद अब डायल खुद इस प्रोजेक्ट पर ₹3,000 करोड़ से ₹4,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करने जा रहा है। एयरपोर्ट मैनेजमेंट के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को अगले 30 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अनोखी एयर ट्रेन का ट्रैक कुल 7.7 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें 5.7 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड (खंभों पर) होगा और करीब 2 किलोमीटर का हिस्सा जमीन पर तैयार किया जाएगा।

विदेश से आएगी तकनीक

यह एयर ट्रेन पूरी तरह से कंप्यूटर और सेंसर आधारित सुरक्षित तकनीक पर चलेगी। इसके लिए इस्तेमाल होने वाली एडवांस तकनीक और ट्रेन को विदेशों से आयात किया जा सकता है। इसके लिए दक्षिण कोरिया, जकार्ता, इटली और स्विट्जरलैंड की वर्ल्ड क्लास सिस्टम का गहराई से अध्ययन किया गया है। यह ट्रेन रूट पर मुख्य रूप से 5 बड़े हब्स को आपस में जोड़ेगी:

  • टर्मिनल 1 (T1)
  • टर्मिनल 2 (T2)
  • टर्मिनल 3 (T3)
  • एरोसिटी
  • कार्गो सिटी

खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के तहत कार्गो स्टेशन को कार्गो टर्मिनल से जोड़ने के लिए एक स्काईवॉक बनाने का भी प्रस्ताव है। यात्रियों को ज्यादा पैदल न चलना पड़े, इसलिए इसके स्टेशन सीधे टर्मिनलों के एंट्री गेट के पास बनाए जाएंगे।

बोर्डिंग पास स्कैन करते ही मिलेगी एंट्री

इस ट्रेन का इस्तेमाल करने के लिए यात्रियों को प्रवेश द्वार पर अपना बोर्डिंग पास स्कैन करना होगा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट बनाने के लिए पीक आवर्स में यह सर्विस टी-1 और टी-3 के बीच नॉन-स्टॉप चलेगी। फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट पर सालाना 7.9 करोड़ से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही होती है, जिसे बढ़ाकर 11 करोड़ प्रति वर्ष करने का लक्ष्य है। इस भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए एयरपोर्ट पर एक्सओविस नामक एआई (AI) आधारित लाइन मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू की गई है, जो यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह व्यवस्थित रखती है।

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